ICMR के साथ मिलकर नई ऊंचाइयों को छूएगा भारत का हेल्थकेयर सेक्टर

Infra Medi 2.0 Seminar and Exhibition

ऋषी तिवारी


दिल्ली के प्रतिष्ठित ले मेरिडियन होटल में ‘इन्फ्रा मेडि 2.0 संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी शो’ का सफल समापन हुआ। भारत की स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम में स्वास्थ्य, अनुसंधान, नीति निर्माण और उद्योग जगत के दिग्गजों ने शिरकत की।

कार्यक्रम के पहले सत्र के मुख्य अतिथि जालौर-सिरोही (राजस्थान) से सांसद लुम्बाराम चौधरी थे। उन्होंने अपने संबोधन में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को व्यापक बनाने के लिए ठोस अवसंरचना और प्रभावी नीति निर्माण की अनिवार्यता पर जोर दिया।

डिजिटल हेल्थ और नीति समन्वय पर विशेषज्ञों का जोर

संगोष्ठी में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के शीर्ष अधिकारियों ने अपने विचार रखे। विशिष्ट वक्ताओं में डॉ. संगमित्रा पाटी (अतिरिक्त महानिदेशक, ICMR), डॉ. मोना डुग्गल (निदेशक, ICMR–नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन डिजिटल हेल्थ एंड डेटा साइंस) और डॉ. रजनी कांत (निदेशक, RMRC गोरखपुर) ने भाग लिया। इन विशेषज्ञों ने आधुनिक डिजिटल हेल्थ, चिकित्सा अनुसंधान और नीति समन्वय की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस आयोजन में ICMR ने गोल्ड स्पॉन्सर के रूप में अहम भूमिका निभाई।

साथ ही, FSSAI, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन सिद्धा (CCRS) और इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता को और बढ़ा दिया। एनजीओ पार्टनर्स ‘लेडी सर्कल GMCLC160’ और ‘काराह फाउंडेशन’ ने सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. हर्षवर्धन ने रेखांकित किया दूरदर्शी नीतियों का महत्व

कार्यक्रम के दूसरे और महत्वपूर्ण सत्र में पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं प्रख्यात ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. हर्षवर्धन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में भारत जैसे विशाल लोकतंत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के बिना लक्ष्य तक नहीं पहुंचाया जा सकता और इसके लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता पर बल दिया।

आयोजन को दृश्यात्मक और अनुभवात्मक बनाने में ‘विजुअल मिथ्स’ की निदेशक सुश्री मीतू पॉल का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने स्वास्थ्य अवसंरचना की जटिलताओं को सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया।

‘इन्फ्रा मेडि 3.0’ की घोषणा

“विजन 2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ तालमेल बिठाते हुए, इस संगोष्ठी ने एक समावेशी, सशक्त और भविष्य-उन्मुख स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण पर जोर दिया, जो नवाचार, डिजिटल परिवर्तन और सहयोगात्मक साझेदारी पर आधारित हो।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में इस संवाद और सहभागिता को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए ‘इन्फ्रा मेडि 3.0’ के आगामी संस्करण की घोषणा की गई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का समापन ‘विजन 2047’ के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जो भारत को वैश्विक स्वास्थ्य अवसंरचना के एक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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