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स्कूलों में बच्चों को बचपन से बनाया जाए आत्मनिर्भर : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On August 6, 2024
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ऋषि तिवारी


नोएडा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल रविवार को स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल के स्थापना दिवस समारोह में आयोजित मेटामोफोरसिस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई और स्थापना दिवस कार्यक्रम मे आनंदीबेन पटेल ने अपने संबोधन में जमीनी स्तर और मूल्य आधारित शिक्षा से सीखने के महत्व और हमारे राष्ट्र पर सार्थक प्रभाव डालने की इच्छा व्यक्त करने पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से हमेशा एक सकारात्मक विरासत छोड़ने के आकांक्षा रखने का आग्रह किया और अगले कुछ दशकों में युवाओं के लिए भारत में मौजूद महान संभावनाओं और अवसरों पर जोर दिया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कहा है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों में कराये जा रहे सुधारों और डिजिटलीकरण के लिए आप सभी को शुभकामनाऐं देती है। देश की पहली ए.आई आंगनवाड़ी का शुभारम्भ हुआ है, इससे बच्चों को और बेहतर शिक्षा व जानकारी प्राप्त होगी। उन्होने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो बच्चे उसे समझ सके, सिर्फ रटा—रटाया ज्ञान ना हो। बच्चें को समझ आना चाहिए कि वह क्या लिख रहा है, क्या बोल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ—साथ बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का भी ज्ञान होना चाहिए। इसके लिए पाठयक्रम शिक्षा के दौरान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान इस प्रकार के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का भी ज्ञान हो सके।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कहा है कि वर्तमान समय में बच्चों के साथ—साथ महिलाऐं भी कुपोषित है, जब हमारी माताएं सशक्त बनेगी तो हमारे बच्चे भी सशक्त बनेंगे, तभी देश भी सशक्त बनेगा। हमें आंगनवाड़ी सहित अन्य के माध्यम से जानना चाहिए कि गर्भवती महिला जहां भी कार्य कर रही हो, चाहे वह घरों, कम्पनी, गोदाम, कारखाना, मजदूरी सहित अन्य जगह काम कर रही हो, हमें उन लोगों तक संदेश पहुंचना है कि वे किसी ना किसी रूप में गर्भवती ​महिलाओं को पोषण आहार प्रदान करें, जिससे की वह स्वयं सक्षम व मजबूत हो सके और एक स्वस्थ्य बच्चे का जन्म दे सके।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल कहा है कि गर्भधारण के बाद गर्भवती महिला सहित उनके परिवारजनों को चाहिए कि वे घर में स्वस्थ्य वातावरण रखें, कोई भी लड़ाई—झगड़ा ना हो, अच्छी—अच्छी किताबें पढ़े और प्रेम के वातावरण में रहे, जिससे कि बच्चे पर उसका अच्छा असर पड़े और वह तन—मन से स्वस्थ्य जन्म लें। तब बच्चे आने वाले समय में एक सशक्त भारत के निर्माण मे अहम भूमिका निभायेंगे।कार्यक्रम में डॉ. राम सुब्रमण्यम गांधी (अध्यक्ष बीओजी-एसजीबीएस) ने व्यावसायिक शिक्षा के लिए नए दृष्टिकोण पर जोर दिया, साथ ही संस्थान के दर्शन और विजन-मिशन और संस्थान के कॉर्पोरेट इंटरफेस पर भी ध्यान केंद्रित किया।

इस अवसर पर सांसद डॉ महेश शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, विधायक तेजपाल नागर, मुख्य प्रबंधन टीम प्रदीप अग्रवाल (ट्रस्टी स्पर्श ग्रुप), मंजू अग्रवाल (ट्रस्टी – स्पर्श ग्रुप), डॉ. शिशिर अग्रवाल- प्रमोटर, अरुण केडिया – कार्यकारी सदस्य – स्पर्श ग्रुप, विजय अग्रवाल (एमडी-स्पर्श इंडस्ट्री), डॉ. अमित सक्सेना (सीईओ- एजुकेशन स्पर्श ग्रुप), डॉ. रवि कुमार जैन बी (संस्थापक निदेशक एसजीबीएस) और डॉ. रमा सुब्रमण्यम गांधी (अध्यक्ष बीओजी-एसजीबीएस सहित अन्य मौजूद रहें।

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