
राम नरेश ठाकुर
बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) आलोक राज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी पुलिसिंग नहीं, बल्कि उनकी गायकी है। देश की प्रतिष्ठित म्यूजिक कंपनी T-Series ने उनकी आवाज में नया देवी भक्ति गीत ‘जोतावाली शेरावाली मां’ रिलीज किया है। खास बात यह है कि इस भजन में आलोक राज खुद भी नजर आ रहे हैं। पुलिस की कठिन जिम्मेदारियों के बीच संगीत के प्रति अपने जुनून को जीवित रखने वाले आलोक राज की यह प्रस्तुति उनके व्यक्तित्व के एक अलग पहलू को सामने लाती है।
करीब 36 साल तक पुलिस सेवा से जुड़े रहे आलोक राज ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। नक्सल विरोधी अभियान से लेकर कानून-व्यवस्था संभालने तक उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया। लेकिन इन सबके बीच संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बना रहा। अब T-Series Bhakti Sagar के माध्यम से रिलीज हुआ उनका नया भजन एक बार फिर उनकी संगीत यात्रा को चर्चा में ले आया है।
6 साल के रियाज के बाद शुरू हुई गायकी की नई पारी
आलोक राज का संगीत से लगाव बचपन से रहा है। स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्हें फिल्मी गाने गाने का शौक था। हालांकि, 20 अगस्त 1989 को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल होने के बाद उनकी प्राथमिकताएं बदल गईं। पुलिस की व्यस्त ड्यूटी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण संगीत का शौक कुछ समय के लिए पीछे रह गया।
दिसंबर 2011 में उन्होंने एक बार फिर अपने इस जुनून को गंभीरता से अपनाया और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा शुरू की। संगीत गुरु अशोक कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन में उन्होंने करीब छह वर्षों तक नियमित अभ्यास किया।
इस मेहनत का परिणाम 2017 में सामने आया, जब T-Series के बैनर तले उनका पहला म्यूजिक एल्बम ‘साईं रचना’ रिलीज हुआ। इसके बाद उन्होंने भक्ति संगीत और साहित्यिक रचनाओं के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की।
नीरज, दुष्यंत कुमार और कबीर की रचनाओं को दी आवाज
आलोक राज की गायकी सिर्फ भक्ति गीतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने हिंदी साहित्य और कविता की कई चर्चित रचनाओं को भी अपनी आवाज दी है। पद्मभूषण सम्मानित कवि गोपालदास नीरज के गीतों पर आधारित एल्बम तैयार करना उनके संगीत सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। इसके लिए उन्होंने स्वयं नीरज से गीतों के अधिकार प्राप्त किए थे।
इसके अलावा उन्होंने मशहूर कवि और शायर दुष्यंत कुमार की गजलों को भी अपनी आवाज में प्रस्तुत किया। कबीर के भजनों पर आधारित उनका एल्बम भी श्रोताओं के बीच पहुंचा। भगवान शिव को समर्पित उनका भजन ‘ये भोला सबसे बड़ा है’ भी चर्चित रहा है।
‘जय अंबे मां जय जय अंबे मां’ और ‘वल्कल ना ओढ़ री’ जैसे गीतों में भी उनकी गायकी देखने-सुनने को मिली है। नए भजन ‘जोतावाली शेरावाली मां’ के जरिए उन्होंने एक बार फिर देवी भक्ति के संगीत को अपनी आवाज दी है। इस गीत का संगीत निर्देशन दिलीप सेन-समीर सेन ने किया है, जबकि गीत के बोल अशोक शौक ने लिखे हैं।
बिहार के DGP के रूप में भी संभाली जिम्मेदारी
मुजफ्फरपुर से ताल्लुक रखने वाले आलोक राज 1989 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने बिहार और एकीकृत बिहार के कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं। इनमें रांची, गुमला, देवघर, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, सीतामढ़ी और बेगूसराय जैसे जिले शामिल हैं।
उन्होंने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में DIG और IG के पद पर भी काम किया। वर्ष 2004 से 2011 के बीच नक्सल विरोधी अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पटना में ASP रहते हुए पुलिस मुठभेड़ में चार अपराधियों के मारे जाने के मामले में उन्हें राष्ट्रपति का वीरता पदक मिला था। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में टाटा नैनो प्लांट के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान भी उन्होंने CRPF के IG के रूप में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी निभाई थी।
30 अगस्त 2024 को आलोक राज ने बिहार के DGP का पदभार संभाला था। तत्कालीन DGP आरएस भट्टी के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी मिली थी। करीब 105 दिनों तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया। 31 दिसंबर 2025 को वह पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।
तीन राष्ट्रपति पदक और गोल्ड मेडल से भी सम्मानित
आलोक राज की उपलब्धियां सिर्फ पुलिसिंग तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से भूगर्भशास्त्र में एमएससी की पढ़ाई गोल्ड मेडल के साथ पूरी की है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें तीन बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। वर्ष 1994 में पुलिस वीरता पदक, 2008 में सराहनीय सेवा पदक और 2016 में विशिष्ट सेवा पदक मिला। वर्ष 2019 में उन्हें उत्कृष्ट पुलिस कार्यों के लिए अटल रत्न सम्मान भी प्रदान किया गया।
उन्होंने विशेष शाखा, CID और विधि-व्यवस्था के ADG सहित बिहार पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई। इटली में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उन्होंने बिहार दिवस, सोनपुर के हरिहरक्षेत्र महोत्सव, बोधगया के बौद्ध महोत्सव, राजगीर महोत्सव, पावापुरी महोत्सव और ताज महोत्सव जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में अपनी गायकी प्रस्तुत की है। आकाशवाणी, दूरदर्शन और DD उर्दू के कार्यक्रमों में भी उनकी आवाज सुनाई दी है।
खाकी वर्दी में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने से लेकर शास्त्रीय संगीत के रियाज और भक्ति गीतों की प्रस्तुति तक, आलोक राज का सफर कई मायनों में अलग है। T-Series पर रिलीज हुआ ‘जोतावाली शेरावाली मां’ इसी सफर की एक नई कड़ी है। यह प्रस्तुति बताती है कि पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ अपने जुनून और प्रतिभा को भी जिंदा रखा जा सकता है।





