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पटना के गोकुल प्रतिष्ठान को 14 दिन का सुधार नोटिस, 3,120 किलो खाद्य सामग्री जब्त

राम नरेश ठाकुर


बिहार में सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की खाद्य संरक्षा इकाई ने मोतिहारी, पटना और गया में निरीक्षण किया। मोतिहारी में तीन प्रतिष्ठानों से कुल 3,62,640 रुपये मूल्य के 3,120 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए। इसके अलावा 78,300 रुपये मूल्य की 170 किलोग्राम सामग्री नष्ट की गई। जांच के लिए छह नमूने प्रयोगशाला भेजे गए।

पटना के गांधी मैदान के पास स्थित गोकुल प्रतिष्ठान में जरूरी जांच रिपोर्ट और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं होने पर 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया। गया के रामपुर क्षेत्र में प्रहलाद स्वीट्स को स्वच्छता, भंडारण और दस्तावेजों से जुड़ी कमियां सात दिनों में दूर करने के निर्देश दिए गए।

मोतिहारी में तीन खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच

खाद्य सुरक्षा टीम ने मोतिहारी में पानी टंकी मेन रोड स्थित मेसर्स अन्नपूर्णा पिज्जा हट, बेलही देवी मंदिर स्थित मेसर्स माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स, बेकरी एंड स्नैक्स और गाजा चौक स्थित मेसर्स वैष्णो ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग खाद्य सामग्री जब्त की गई।

जब्त सामग्री में 78,000 रुपये मूल्य का 130 किलोग्राम खोवा, 2,53,200 रुपये मूल्य का 2,692 किलोग्राम मिल्क केक और डोडा शामिल हैं। इसके साथ 10,340 रुपये मूल्य की 94 किलोग्राम सोनपापड़ी, 9,000 रुपये मूल्य के 100 किलोग्राम शाही लड्डू, 7,200 रुपये मूल्य की 90 किलोग्राम स्पेशल बर्फी, 400 रुपये मूल्य के चार किलोग्राम पेड़े और 4,500 रुपये मूल्य की 10 किलोग्राम किशमिश भी जब्त की गई। जब्त खाद्य पदार्थों का कुल मूल्य 3,62,640 रुपये बताया गया है।

टीम ने 6,300 रुपये मूल्य का 60 किलोग्राम बेसन, 40,000 रुपये मूल्य का 40 किलोग्राम खोवा और 32,000 रुपये मूल्य का 70 किलोग्राम मिल्क केक नष्ट किया। नष्ट की गई सामग्री का कुल वजन 170 किलोग्राम और मूल्य 78,300 रुपये है।

खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए खोवा, काजू, सोनपापड़ी, बर्फी, मिल्क केक और किशमिश के नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। निरीक्षण के बाद माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स, बेकरी एंड स्नैक्स को साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और दो दिनों के लिए बंद किया गया।

पटना के गोकुल को 14 दिन में कमियां दूर करने का निर्देश

पटना में गांधी मैदान के पूर्वी हिस्से में रीजेंट सिनेमा के निकट स्थित मेसर्स गोकुल की जांच की गई। निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान में कर्मियों की चिकित्सा जांच रिपोर्ट, पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट टेस्टिंग रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थीं। खाद्य सुरक्षा टीम को कर्मचारियों के FoSTaC प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी नहीं मिला।

जांच के लिए गोकुल प्रतिष्ठान से बेसन के लड्डू का एक नमूना लिया गया, जिसे खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। आवश्यक दस्तावेज और रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा पाई गई कमियों को ठीक करने के लिए प्रतिष्ठान को 14 दिनों का सुधार नोटिस दिया गया है।

नोटिस के अनुसार, प्रतिष्ठान को 15वें दिन कमियां दूर करने का प्रमाण संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। निर्धारित समय में अनुपालन का प्रमाण नहीं देने पर पहले अनुज्ञप्ति निलंबित की जा सकती है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर अनुज्ञप्ति रद्द करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

गया के प्रहलाद स्वीट्स में भंडारण और स्वच्छता की कमियां

गया जिले के रामपुर क्षेत्र में खाद्य संरक्षा इकाई ने शनिवार को प्रहलाद स्वीट्स का निरीक्षण किया। टीम को कच्चे माल के भंडारण के लिए अलग कमरा नहीं मिला। कच्ची सामग्री और तैयार खाद्य पदार्थ अस्वच्छ स्थान पर रखे पाए गए।

खाद्य पदार्थ बनाने और संभालने वाले कर्मचारी सिर ढकने के लिए कैप तथा हाथों में दस्ताने इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। तैयार खाद्य सामग्री को उचित तापमान पर रखने की व्यवस्था में भी कमी पाई गई। इसके अतिरिक्त कीट नियंत्रण, पानी की जांच और खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले कर्मियों की चिकित्सकीय जांच से जुड़ी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी। पैकेजिंग सामग्री के खाद्य उपयोग के योग्य होने का प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया गया।

खाद्य सुरक्षा टीम ने प्रतिष्ठान संचालक को सात दिनों के भीतर कमियां दूर करने और आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संबंधित दस्तावेजों को आगे भी संधारित रखने को कहा गया है।

उपभोक्ता सुरक्षा पर विभाग का जोर

खाद्य संरक्षा इकाई की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। नमूनों को प्रयोगशाला भेजना, प्रतिष्ठानों को सुधार के निर्देश देना और तय समय में अनुपालन की जांच करना इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

विभाग ने खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और जरूरी दस्तावेजों का नियमित रिकॉर्ड रखने की अपेक्षा की है। ऐसी जांचों से खाद्य प्रतिष्ठानों में जवाबदेही बढ़ाने और आम लोगों तक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

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