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बिहार में तीन एनकाउंटर से मचा बवाल, तेजस्वी यादव ने सीएम को घेरा

राम नरेश ठाकुर


बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। पटना के मनेर थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में तीन अपराधियों की मौत के बाद विपक्ष हमलावर हो गया है, तो सत्ता पक्ष इस कार्रवाई को अपराध पर सख्ती की कड़ी बता रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार (7 नवंबर) को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जाति विशेष के लोगों को निशाना बनाकर एनकाउंटर कराने का गंभीर आरोप लगा दिया। इसके बाद से बिहार की राजनीति में ‘एनकाउंटर विवाद’ सुर्खियों का हिस्सा बना हुआ है।

शेरपुर गंगा घाट के पास कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

मामला शुक्रवार (6 नवंबर) की तड़के करीब 3 बजे का है, जब मनेर थाना अंतर्गत शेरपुर गंगा घाट के समीप पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अपराधियों को घेर लिया। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने सबसे पहले गोलीबारी शुरू की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस टकराव में जेपी यादव, सूरज कुमार उर्फ राजा शर्मा और बबलू कुमार नाम के तीन संदिग्ध गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान मनेर थानाध्यक्ष भी जख्मी हुए। पुलिस ने पूरी घटना को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया है, लेकिन मृतकों के परिजन इस दावे को पूरी तरह नकार रहे हैं।

तेजस्वी यादव का तंज

नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा है कि अपनी जान की जिम्मेवार जनता खुद होगी.. CM लगवा दें हर जगह बोर्ड। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार पुलिस आम लोगों के घरों में घुसकर गोलियां चला रही है, जबकि उधर अपराधी पुलिसकर्मियों को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने एक बड़ा आरोप यह भी लगाया कि अपराध नियंत्रण में नाकाम सरकार ध्यान भटकाने के लिए जाति विशेष के लोगों को मुठभेड़ में मार रही है। उनके मुताबिक, हत्या आरोपी अपराधी प्रवृत्ति के मुख्यमंत्री के शासन में बिहार के हालात पहले से कहीं ज्यादा भयावह हो गए हैं।

दानापुर अस्पताल में परिजनों का हंगामा

एनकाउंटर में मारे गए तीनों युवकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए दानापुर अनुमंडल अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने साजिश के तहत उनके लोगों की हत्या कर दी। इस विवाद के बीच राजद सांसद मीसा भारती भी अस्पताल पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने CM सम्राट चौधरी पर एक खास समुदाय के लोगों को टारगेट करने का आरोप लगाया।

‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’

तेजस्वी यादव के आरोपों पर एनडीए कैंप से करारा जवाब आया। जेडीयू नेता श्याम रजक ने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, अपराधी बस अपराधी होता है। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में किसी तरह के समझौते की नीति साफ तौर पर अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं और अगर कोई अपराधी पुलिस या आम नागरिकों पर हमला करता है, तो एनकाउंटर से पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि अपराध पर नियंत्रण सरकार की पहली प्राथमिकता है। कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई होती रही है और आगे भी होती रहेगी। वहीं मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने जाति के आधार पर एनकाउंटर का आंकड़ा तैयार करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और साफ किया कि सरकार ने कभी यह आकलन नहीं किया कि किस जाति के कितने अपराधी मुठभेड़ में ढेर हुए।

बिहार में एनकाउंटर सियासत

मनेर एनकाउंटर के बाद कानून-व्यवस्था का मुद्दा फिर बिहार की चुनावी राजनीति का केंद्र बन गया है। विपक्ष की मांग है कि मुठभेड़ की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। सत्ता पक्ष का कहना है कि अपराधियों पर सख्ती जारी रहेगी और पुलिस को अपना काम करने से कोई नहीं रोक सकता। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एनकाउंटर और अपराध का मुद्दा आने वाले समय में बिहार की सियासी तकरार को और तेज कर सकता है।

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