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सरस आजीविका मेला 2025 : “लखपति एसएचजी दीदी की निर्यात क्षमता का विकास”

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By hindprabhatsamachar On February 19, 2025
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ऋषि तिवारी


नोएडा। गौतम बुद्ध नगर नोएडा में पांचवीं बार परंपरा, कला एवं संस्कृति का मनोरम माहौल एवं “लखपति एसएचजी दीदी की निर्यात क्षमता का विकास” थीम के साथ, 21 फरवरी 2025 से 10 मार्च 2025 तक प्रसिद्ध सरस आजीविका मेला 2025 का आयोजन सेक्टर 33 ए के नोएडा हाट में किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) के समर्थन से इस सरस आजीविका मेला 2025 में ग्रामीण भारत की शिल्प कलाओं का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जाएगा।

21 फरवरी से 10 मार्च 2025 तक चलने वाले इस उत्सव में नोएडा के नोएडा हाट में मौजूद 400 से अधिक महिला शिल्प कलाकार, जो परंपरा, हस्तकला एवं ग्रामीण संस्कृति तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी है, इसके साथ ही 85 से ज्यादा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रेस वार्ता को ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा, जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने संबोधित किया।

इंडिया फूड कोर्टः सरस आजीविका मेले में इस बार महत्त्वपूर्ण इंडिया फूड कोर्ट में देश भर के 20 राज्यों की 80 उद्मी गृहणियों का समूह अपने प्रदेश के प्रसिद्ध क्षेत्रिय व्यंजनों के स्टाल लगाएंगी, जिसमें हर प्रदेश के क्षेत्रिय व्यंजनों के स्वाद का अनोखा आनंद प्राप्त होगा। इस बार देशभर से 400 से अधिक लखपति दीदियां सरस मेले की खास मेहमान बनेंगी। मेले के विषय में जानकारी देते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव स्वाति शर्मा ने बताया कि सरस आजीविका मेला 2025 में कुछ उत्कृष्ट प्रदर्शन जो हेंडलूम, साड़ी और ड्रेस मेटिरियल में विभिन्न राज्यों से हैं।

इस प्रकार हैं। आंध्र प्रदेश से कलमकारी, आसाम का मेखला चादर, बिहार से कॉटन और सिल्क, छत्तीसगढ़ से कोसा साड़ी, गुजरात से भारत गुंथन एंड पैचवर्क, झारखंड से तासर शिल्क एंड कॉटन और साथ ही दुपट्टा और ड्रेस मेटिरियल, चंदेरी और बाग प्रिंट मध्यप्रदेश से, मेघालय से इरी प्रोडक्ट्स, ओडिसा से तासर और बांदा, तमिलनाडु से कांचीपुरम, तेलंगाना से पोस्विपुरम, उत्तराखंड से पश्मिना, कथा, बातिक प्रिंट, तांत और बालुचरी पश्चिम बंगाल से रहेंगे। इसके साथ ही हेंडीक्राफ्ट, ज्वेलरी और होम डेकोर के प्रोडक्ट्स के रूप में आंध्रप्रदेश का पर्ल ज्वेलरी, आसाम का वाटर हायजिनिथ हेंड बैग और योगामैट, बिहार से लाहकी चूड़ी, मधुबनी पेंटिंग और सिक्की क्राफ्ट्स, छत्तीसगढ़ से बेलमेटल प्रोडक्ट्स, मडमिरर वर्क और डोरी वर्क गुजरात से, हरियाणा का टेरा कोटा, झारखंड का ट्राइबल ज्वेलरी, कर्नाटक का चन्ननपटना खिलौना, सबाईग्रास प्रोडक्टस, पटचित्र आनपाल्मलीव ओडिशा, तेलंगाना से लेदर बैग, वाल हैंगिंग और लैंप सेड्स, उत्तर प्रदेश से होम डेकोर और पश्चिम बंगाल से डोकरा क्राप्ट, सितल पट्टी और डायवर्सीफाइड प्रोडक्ट्स ये सभी रहेंगे। इसके साथ ही प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी फूड स्टाल पर मौजूद होंगे, प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के रूप् में अदरक, चाय, दाल कॉफी, पापड़, एपल जैम और अचार आदि उपलब्ध रहेंगे। साथ ही मेला मे बच्चों के मनोरंजन का भी पुख्ता इंतजाम किया जाएगा।

इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लोग भरपूर आनंद उठा पाएंगे। सरस आजीविका मेला के दौरान देश भर के 31 राज्यों के हजारों उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह एक मुहिम की शुरुआत की गई है, जिससे कि हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को कोरोना के बाद एक बार फिर से अपनी रोजगारी शुरु करने का मौका मिल सके। इसके साथ ही इससे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया अभियान वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा मिलेगा।

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