
राम नरेश ठाकुर
Anant Singh’s whirlwind roadshow: बिहार के सबसे चर्चित बाहुबली नेता और मोकामा के विधायक अनंत सिंह एक बार फिर पूरे प्रदेश की नजरों में हैं। जनता दल (यूनाइटेड) से निष्कासन के कुछ दिन बाद वे पटना से प्रयागराज तक सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं, जो अब एक भव्य अनंत सिंह रोड शो में तब्दील हो चुकी है। दरअसल, वे प्रयागराज में अपने करीबी दोस्त पप्पू सलमान के बेटे की शादी के रिसेप्शन में शिरकत करने जा रहे हैं, लेकिन रास्ते भर समर्थकों के स्वागत ने इस यात्रा को शक्ति प्रदर्शन का रंग दे दिया है।
आरा में जेसीबी से फूल बरसाए, नारों से गूंजा शहर
आरा पहुंचते ही समर्थकों ने जेसीबी मशीन से फूल बरसाकर अनंत सिंह का भव्य स्वागत किया। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान समर्थकों ने “ब्रह्मेश्वर मुखिया अमर रहें” और “छोटे सरकार जिंदाबाद” के नारे लगाए। बता दें कि ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया रणवीर सेना के संस्थापक माने जाते थे और भूमिहार समाज में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त है। “छोटे सरकार” के नाम से मशहूर मोकामा के विधायक को यह नारा सुनाना समर्थकों के लिए वर्षों पुरानी परंपरा जैसा है। आरा के जोश भरे स्वागत के बाद अनंत सिंह का काफिला अब बक्सर पहुंच गया है।
पटना से प्रयागराज तक तय होगा यह रूट
बिहार से यूपी रोड शो का पूरा नक्शा पहले से तैयार कर लिया गया है। काफिला बिहटा, आरा, बक्सर, मोहनिया, चंदौली, वाराणसी और औराई होते हुए प्रयागराज पहुंचेगा। हर स्टॉप पॉइंट पर समर्थक होर्डिंग, पोस्टर, फूल-माला और ढोल-नगाड़ों के साथ इंतजार कर रखा है। प्रयागराज समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी उनके स्वागत में बड़े-बड़े बैनर लगा दिए गए हैं, जो बताते हैं कि इस यात्रा की तैयारी कितनी माइक्रो-लेवल पर हुई है।
इस रोड शो की सबसे दिलचस्प बात यह है कि चंदौली जिले में भाजपा विधायक सुशील सिंह के क्षेत्र में भी स्वागत कार्यक्रम की तैयारी की गई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि जेडीयू से बाहर किए गए नेता को भाजपा क्षेत्र में मिल रहा यह स्वागत बिहार की सियासत में नए समीकरणों की अटकलें तेज कर सकता है।
इस पूरे दौरे में अनंत सिंह के भाषण का कोई प्रोग्राम तय नहीं है। लेकिन रास्ते में कई जगह रुककर फूल-माला स्वीकार करना, समर्थकों से गले मिलना और लोगों का हाल-चाल पूछना उनके शेड्यूल में शामिल है। राजनीतिक गलियारे में इसे बिना एक शब्द बोले दिया गया संदेश माना जा रहा है — पार्टी से रिश्ता टूटने के बाद भी उनकी जमीनी ताकत और जनता से सीधा संपर्क बरकरार है।
जेडीयू निष्कासन और सदस्यता रद्द होने का खतरा
इस पूरे ड्रामे की जड़ है अनंत सिंह और उनकी पत्नी, पूर्व एमएलए नीलम देवी को जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासित किया जाना। पार्टी ने उन्हें विरोधात्मक गतिविधियों का दोषी माना था। खबरों के मुताबिक, बेउर केंद्रीय कारा में बंद दिल्ली फकीर सिंह के मामले से जुड़ी डिस्चार्ज पिटीशन को लेकर हुए विवाद के बाद यह कार्रवाई हुई। इसके बाद जेडीयू ने बिहार विधानसभा से उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। स्पीकर ने नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा है, लेकिन अनंत सिंह ने संकेत दिए हैं कि वे शादी समारोह के बाद ही जवाब देंगे। यानी रोड शो के बाद सियासी मैदान में असली मुकाबला होगा।
मोकामा की सियासत में शक्ति प्रदर्शन कोई नई बात नहीं
यह पहली बार नहीं है जब मोकामा से अनंत सिंह के शक्ति प्रदर्शन की कहानियां सुर्खियां बनी हों। 2015 की चौटी दखिनवाड़ी और 2022 की बाड़ी रोड की घटनाएं अब भी लोगों को याद हैं। लेकिन इस बार का रोड शो दो वजहों से अलग है — पहला, यह बिहार की सीमा पार कर उत्तर प्रदेश तक फैल गया है और दूसरा, यह उस वक्त हो रहा है जब उनकी विधायकी खतरे में है। ऐसे में यह यात्रा समर्थकों के बीच उनकी कद्र बढ़ाने और दुश्मनों को संदेश देने, दोनों का काम कर रही है।





