
ऋषी तिवारी
दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में गुरुवार को एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का हिस्सा ढह गया। हादसा चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सत्तारा, शीश महल इलाके में हुआ। दिल्ली पुलिस ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मलबे में छह से सात लोगों के फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल घटनास्थल पर अभियान चला रहे हैं।
इमारत का हिस्सा गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मलबे और संकरी गलियों के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, फंसे हुए लोगों की संख्या और हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
दमकल की छह गाड़ियां और एनडीआरएफ की टीम मौके पर
दिल्ली अग्निशमन विभाग के मुताबिक, उसे निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल की छह गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी वहां पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया।
पुलिस, दमकलकर्मी और अन्य बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। हादसे के बाद इलाके में भीड़ जमा हो गई, जबकि बचाव कार्य के लिए घटनास्थल के आसपास आवाजाही नियंत्रित की गई। अधिकारियों की ओर से बचाव अभियान और घायलों की स्थिति को लेकर आगे की जानकारी दी जानी बाकी है।
सौरभ भारद्वाज ने सरकार और एमसीडी पर उठाए सवाल
चावड़ी बाजार हादसे के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चांदनी चौक और चावड़ी बाजार में एक और तीन मंजिला इमारत गिर गई है और मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। भारद्वाज ने दिल्ली सरकार और नगर निगम (एमसीडी) की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि दिल्ली में सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश दिए जाने के बावजूद इमारतें गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऑडिट के आदेश तो दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। ये आरोप सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए हैं। इन दावों पर संबंधित सरकारी विभागों की प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
रिश्वत और चुनिंदा कार्रवाई के लगाए आरोप
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पहले दिल्ली पुलिस और एमसीडी पर रिश्वत लेने की शिकायतें सामने आती थीं, जबकि अब फायर विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भी ऐसे आरोप लग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जो लोग कथित तौर पर रिश्वत देने से इनकार करते हैं, उनकी इमारतों को एमसीडी सील कर देती है।
अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने ग्रेटर कैलाश-2 मार्केट में दो जिम सील किए जाने का उदाहरण दिया। उन्होंने सवाल किया कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो उसी इलाके में दूसरे जिम और व्यावसायिक इमारतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। भारद्वाज ने इसे चुनिंदा कार्रवाई बताते हुए सरकार और संबंधित विभागों की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए।
हादसे के कारणों की जांच जरूरी
चावड़ी बाजार हादसे में फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद इमारत के ढहने के कारणों की जांच अहम होगी। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि निर्माण कार्य के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं, भवन सुरक्षा के नियमों का पालन हुआ था या नहीं और आसपास की इमारतों को कोई नुकसान पहुंचा है या नहीं।
पुरानी और घनी आबादी वाले बाजारों में निर्माण, मरम्मत और सुरक्षा मानकों की नियमित निगरानी खास महत्व रखती है। चावड़ी बाजार में बचाव अभियान पूरा होने और अधिकारियों की जांच के बाद ही हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।





