
राम नरेश ठाकुर
पटना में नकली और मानकहीन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के कारोबार के खिलाफ खाद्य संरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए विभाग की टीम ने शहर के चार अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में पानी की बोतलें जब्त कीं और उन्हें नष्ट करा दिया। कार्रवाई के दौरान डुप्लीकेट बिसलेरी के नाम पर बेचे जा रहे पानी के साथ-साथ कई अन्य ब्रांडों की बोतलें भी जांच के दायरे में आईं। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कुछ प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि एक प्रतिष्ठान को सुधार के लिए 14 दिनों का नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य संरक्षा विभाग की यह कार्रवाई 2 नवंबर 2026 को सामने आई। विभाग की टीम ने पानी के उत्पादन, भंडारण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच में लेबलिंग, लाइसेंस, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से संबंधित कई खामियां पाई गईं। अलग-अलग जगहों से पानी के नमूने भी संग्रहित किए गए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा सके।
एस. हाइड्रेला में मिला डुप्लीकेट बिसलेरी का पानी, खाद्य लाइसेंस निलंबित
पटना के मनोहरपुर-कचुआरा स्थित एस. हाइड्रेला में निरीक्षण के दौरान खाद्य संरक्षा विभाग की टीम को बिसलेरी के नाम से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बड़ी खेप मिली। जांच के दौरान उत्पादों की लेबलिंग में गंभीर गड़बड़ी सामने आई। बोतलों पर दर्ज पता किसी दूसरे प्रतिष्ठान का था, जबकि अंकित खाद्य लाइसेंस नंबर भी दूसरे फर्म से संबंधित पाया गया। कार्रवाई के दौरान 1 लीटर की 1,500 लीटर और 500 मिलीलीटर की 900 लीटर पानी की सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। इस तरह कुल 2,400 लीटर पानी पर कार्रवाई हुई।
निरीक्षण में केवल लेबलिंग की गड़बड़ी ही नहीं, बल्कि प्रतिष्ठान की साफ-सफाई में भी कमी मिली। वहां काम करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा उत्पादन क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म की व्यवस्था भी नहीं पाई गई।
इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए विभाग ने एस. हाइड्रेला का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया। प्रतिष्ठान से पानी का नमूना भी जांच के लिए लिया गया है।
मां एंटरप्राइजेज से बिसलेरी की 15,168 बोतलें जब्त
पटना के बरी पहाड़ी के पास स्थित मां एंटरप्राइजेज में भी खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की। यहां बिसलेरी पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बड़ी खेप जब्त कर नष्ट की गई। विभाग की कार्रवाई में 1 लीटर की 4,800 बोतलें और 500 मिलीलीटर की 10,368 बोतलें शामिल थीं। इस प्रकार कुल 15,168 बोतलों पर कार्रवाई की गई।
जब्त सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
- 1 लीटर की 4,800 बोतलें, दर्ज मूल्य ₹26,000।
- 500 मिलीलीटर की 10,368 बोतलें, दर्ज मूल्य ₹34,560।
विभागीय विवरण के अनुसार जब्त और नष्ट की गई सामग्री का कुल मूल्य ₹62,645 बताया गया है। हालांकि, ऊपर दिए गए दोनों मदों का जोड़ ₹60,560 होता है। इसलिए प्रकाशित आंकड़ों में मूल्य का अंतर संबंधित विभाग से सत्यापित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा जांच के उद्देश्य से 1 लीटर की 905 बोतलें और 500 मिलीलीटर की 9,216 बोतलों के नमूने भी संग्रहित किए गए। इन नमूनों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
आदित्य एंटरप्राइजेज में कई ब्रांडों का पानी जब्त
बेउर थाना क्षेत्र स्थित आदित्य एंटरप्राइजेज में भी विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान कई ब्रांडों के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और अन्य सामग्री पर कार्रवाई की।
यहां बिसलेरी, सुहर बिसलेरी, आदित्य बिसलेरी और न्यूट्रीएंट्रल नाम से संबंधित सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। विभागीय विवरण के अनुसार जब्त सामग्री का मूल्य इस प्रकार है:
- बिसलेरी 500 मिलीलीटर – ₹22,200।
- सुहर बिसलेरी 500 मिलीलीटर – ₹42,000।
- आदित्य बिसलेरी 1 लीटर – ₹34,560।
- न्यूट्रीएंट्रल – ₹60,900।
इस दौरान प्रतिष्ठान से पानी का नमूना भी लिया गया। निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं को देखते हुए खाद्य संरक्षा विभाग ने संचालक को 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया है।
इस नोटिस के माध्यम से प्रतिष्ठान को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।
कृष्णा एंटरप्राइजेज से ₹1.05 लाख का पानी जब्त कर नष्ट
पटना के संपतचक क्षेत्र के सोनागोपालपुर स्थित मेसर्स कृष्णा एंटरप्राइजेज में भी खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान अलग-अलग ब्रांडों के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की बड़ी मात्रा में बोतलें मिलीं, जिन्हें जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
विभागीय कार्रवाई में शामिल सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
- बिसलेरी 1 लीटर की 2,338 बोतलें – ₹46,760।
- संजीवनी 250 मिलीलीटर की 9,240 बोतलें – ₹55,440।
- न्यूट्री ड्रॉप 950 मिलीलीटर की 500 बोतलें – ₹3,000।
इस प्रकार कृष्णा एंटरप्राइजेज से कुल ₹1,05,200 मूल्य की पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सामग्री जब्त कर नष्ट की गई। निरीक्षण के बाद इस प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया।
नकली और मानकहीन पानी बेचने वालों पर जारी रहेगी कार्रवाई
पटना में खाद्य संरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के उत्पादन और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में निगरानी बढ़ने के संकेत मिले हैं। विभाग का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, गलत लेबलिंग, दूसरे प्रतिष्ठान के लाइसेंस नंबर के इस्तेमाल और साफ-सफाई में लापरवाही जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इसके लिए पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के उत्पादन, भंडारण और बाजार में बिक्री पर लगातार नजर रखी जाएगी।
फिलहाल चार प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई ने पटना में पैकेज्ड पानी की गुणवत्ता और उसकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे पानी की बोतल खरीदते समय ब्रांड, पैकेजिंग, लाइसेंस संबंधी जानकारी और अन्य विवरणों की जांच करें।





