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ईपीसीएच में नए नेतृत्व का स्वागतः श्री नीरज खन्ना बने अध्यक्ष और श्री सागर मेहता उपाध्यक्ष.

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By hindprabhatsamachar On June 3, 2025
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ऋषि तिवारी


ईपीसीच के उपाध्यक्ष रहे डॉ. नीरज खन्ना हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के नए अध्यक्ष बनाए गए हैं वहीं श्री सागर मेहता उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने जानकारी दी कि मंगलवार को आयोजित प्रशासनिक समिति (सीओए) की 199वीं बैठक के दौरान इस बदलाव की घोषणा की गई है। डॉ. नीरज खन्ना ने श्री दिलीप बैद से अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है। श्री दिलीप बैद का कार्यकाल पूरा हो चुका है। प्रशासनिक समिति के सदस्यों ने डॉ. नीरज खन्ना और श्री सागर मेहता का स्वागत करते हुए उन्हें उनके नए कार्यभार की बधाई दी है।

श्री दिलीप बैद ने कहा, “अब जबकि मैं परिषद के अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकार समाप्त कर रहा हूं, तो यह देख कर मन गर्व से भर उठता है कि हमने साथ मिलकर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। मेरे नेतृत्व में, हमने कई महत्वपूर्ण पहलें कीं, जिनकी बदौलत हमारे निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मैं समिति के प्रत्येक सदस्य, प्रशासन और सभी स्टेकहोल्डर्स का उनके अटूट सहयोग और समर्पण के लिए तहे दिल से आभार व्यक्त करना चाहता हूं।अब जबकि मैं यह बेटन नए अध्यक्ष को सौंप रहा हूं तो उन्हें अपने पूर्ण समर्थन और प्रतिबद्धता का आश्वासन भी देता हूं। एक साथ, हम निर्यात संवर्धन को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाना जारी रखेंगे। मुझे विश्वास है कि हमारे सामूहिक प्रयासों से भविष्य में और भी बड़ी सफलताएं मिलेंगी।

प्रशासनिक समिति ने अध्यक्ष के रूप में उनके दो वर्षीय सफल कार्यकाल के लिए श्री दिलीप बैद के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके नेतृत्व और बुद्धिमानी के माध्यम से उत्पाद विकास, पैकेजिंग इनोवेशन, ब्रांड का निर्माण, उत्पादकता में वृद्धि, गुणवत्ता और मानकों में सुधार, दीर्घकालिक विकास और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुपालन जैसी कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की गई, इसने निर्यात वृद्धि में अहम योगदान दिया, खास कर ‘तीन गुना तीस तक पहल” जिसका लक्ष्य 2030 तक हस्तशिल्प के निर्यात को तीन गुना करना है। प्रशासनिक समिति ने नवनियुक्त अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को अपना पूरा समर्थन और बधाई दी। सदस्य उनके नेतृत्व की ओर उम्मीदों से देख रहे हैं और उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि निर्यात प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सके, साथ ही हस्तशिल्पों के निर्यात में वृद्धि के लिए नई पहलों पर उनके साथ मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्धता भी जताई।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने बताया कि डॉ. नीरज खन्ना एक ऊर्जावान निर्यातक और भारत के हस्तशिल्प निर्यात उद्योग में एक सम्मानित लीडर हैं। वह 1996 में दूसरी पीढ़ी के निर्यातक के रूप में नोडी एक्सपोर्ट्स में शामिल हुए और एक स्पष्ट दृष्टि और अनवरत दृढ़ संकल्प के साथ कंपनी की मजबूत नींव रखी। उनका करियर इनोवेशन, क्वालिटी और ग्लोबल एक्सिलेंस के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कारोबार को कई गुना तेज किया, 800% की वृद्धि हासिल की और नोडी एक्सपोर्ट्स को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक प्रमुख नाम के रूप में स्थापित किया। पिछले कुछ वर्षों में, डॉ. खन्ना के उद्योग क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास की सलाहकार समिति में बतौर सदस्य नियुक्त किया गया था। उनके दूरदर्शी नेतृत्व के लिए उन्हें निर्यात उत्कृष्टता के लिए प्रतिष्ठित अटल गौरव पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया।अपने व्यावसायिक सफलताओं के अलावा, डॉ. खन्ना विभिन्न सामाजिक कल्याण कार्यों में भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, जिनमें हरिद्वार का दिवा सेवा प्रेम मिशन, मुरादाबाद चैरिटेबल ट्रस्ट एवं हेल्थ रिसर्च सेंटर, तथा एशियन विवेकानंद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शामिल हैं। उनके नेतृत्व में, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए डायलिसिस की सेवाएं, निशुल्क नेत्र सर्जरी, और अनेक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं।श्री सागर मेहता 2005 में दिल्ली में स्थापित क्यूटीए ग्रुप समूह का नेतृत्व करते हैं, जो फैशन जूलरी एक्सेसरीज और बैग्स के एक अग्रणी उत्पादक और निर्यातक हैं। श्री मेहता के मार्गदर्शन में, कंपनी ने फैशन जूलरी क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट निर्यात प्रदर्शन और वृद्धि के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त की है। अपनी मजबूत वैश्विक उपस्थिति के साथ क्यूटीएल एक्सपोर्ट हाउस स्पेन, चिली, ग्रीस समेत कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करता है। श्री सागर मेहता ने समिति को नई भूमिका प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया तथा निर्यात संवर्धन के लिए उद्योग एवं सीओए के साथ मिलकर काम करने की आशा व्यक्त की। अपनी पदोन्नति पर, डॉ. नीरज खन्ना ने उनके विश्वास और समर्थन के लिए प्रशासनिक समिति के सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने ईपीसीएच के संरक्षण में भारतीय हस्तशिल्प की निरंतर वृद्धि और वैश्विक मान्यता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने सीओए सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा, “मैं भारतीय हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ाने और भविष्य में उच्च विकास पथ हासिल करने के लिए पूरी तरह समर्पित हूं।”नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने इसके बाद ये भी कहा कि उनके पूर्ववर्ती द्वारा आरंभ की गई पहलों को न केवल जारी रखा जाएगा, बल्कि और अधिक ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने दावे के साथ कहा, “हम ‘तीन गुना तीस तक’ मिशन के तहत 2030 तक हस्तशिल्प निर्यात को तीन गुना बढ़ाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साकार करने की दिशा में पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।”

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने और देश के विभिन्न शिल्प समूहों में होम, लाइफ स्टाइल, टेक्सटाइल, फर्नीचर और फैशन जूलरी एवं एक्सेसरीज उत्पादों को बनाने में लगे लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू की ब्रांड छवि बनाने की एक नोडल संस्थान है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने बताया कि साल 2024-25 के दौरान हस्तशिल्पों का अनुमानित निर्यात 32,971.50 करोड़ रुपये (3898.46 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का हुआ।

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