धर्म/ज्योतिष

श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस ध्रुव ने बचपन में ही छोड़ दिया अपना घरबार की कथा

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On August 30, 2025
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संदीप कुमार गर्ग


एकल श्रीहरि बनवासी फाउंडेशन के अंतर्गत श्री मद भागवत कथा के तृतीय दिवस आज दिनाक 30 अगस्त 2025 को श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ कथा व्यास साध्वी प्रीति पाराशर जी द्वारा शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक श्री पीपल महादेव मन्दिर डेल्टा 1 में किया गया ।

भागवत कथा में आज विदुर मैत्रीया संवाद, ध्रुव चरित्र , जडभरत की कथा, अजामिल उपाख्यान का वर्णन किया गया । विदुर मैत्रेय संवाद जिसमें विदुर अपनी व्यथा और परम सत्य के ज्ञान की प्यास लेकर ऋषि मैत्रेय से मिलते हैं और कई प्रश्नों पर चर्चा करते हैं। मैत्रेय जी विदुर के प्रश्नों का उत्तर देते हुए सृष्टि की रचना, ईश्वर का स्वरूप, अवतारों का उद्देश्य, कर्म का सिद्धांत, और मोक्ष के मार्ग जैसे विषयों पर गहन ज्ञान प्रदान करते हैं।

ध्रुव ने बचपन में ही घरबार छोड़कर तपस्या करने की ठानी। ध्रुव अपने घर से तपस्या के लिए जा रहे थे रास्ते में उन्हें देवर्षि नारद मिले उन्होंने ध्रुव को”ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”का जाप कर के भगवान विष्णु की तपस्या करने को कहा ध्रुव ने नारद जी की बात मानकर एक पैर पर खड़े होकर छह माह तक कठोर तप किया।

कन्नौज के एक ब्राह्मण अजामिल की कहानी है, जो अपनी इन्द्रियों के वश में होकर पापमय जीवन जीता है, लेकिन मरते समय अपने पुत्र नारायण का नाम पुकारने से प्रभु का नाम लेने के कारण यमदूतों से बच जाता है और विष्णुदूत उसे मुक्त करा लेते हैं। यह कथा बताती है कि भगवान के नाम का स्मरण करने से पापियों का भी उद्धार हो सकता है।

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