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60वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला – ऑटम 2025

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On October 12, 2025
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ऋषी तिवारी


दिल्ली/एनसीआर। आईएचजीएफ दिल्ली मेला – विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच लोकप्रिय व्यापार मंच – अपने 60वें माइलस्टोन संस्करण ‘ऑटम 2025’ के लिए पूरी तरह तैयार है, जो 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा किया जा रहा है।

उत्पादों और डिजाइन के जीवंत मिलन के साथ, यह मेला अलग-अलग लाइफस्टाइल और रहने की जगहों के लिए कई तरह के उत्पाद पेश कर रहा है, साथ ही पर्यावरण अनुकूल लाइफस्टाइल के लिए कई संभावनाओं के द्वार भी खोल रहा है। मेले का यह संस्करण 16 बड़े हॉल में फैला हुआ है, जिनमें होम, फैशन, लाइफस्टाइल, फर्निशिंग, फर्नीचर और इंटीरियर से जुड़े प्रमुख उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें 16 अलग-अलग कैटेगरीज में बांटा गया है। इस मेले में होम डेकोर एवं एक्सेंट्स, होम फर्निशिंग, कारपेट एवं रग्स, टेक्सटाइल्स एवं लिनेन, गिफ्ट्स व प्रीमियम्स, इंटीरियर्स, फर्नीचर, फैशन जूलरी, बैग्स एवं एक्सेसरीज, लैंप्स और लाइटिंग एक्सेसरीज, आउटडोर और गार्डन, अरोमा, स्पा और लाइफस्टाइल, क्रिसमस और त्योहारों की सजावट, किचन और डिनरवेयर, बाथरूम एक्सेसरीज, केन, बांस, पेपर और पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, और बच्चों और नन्हे मुन्नों के खिलौने और एक्सेसरीज शामिल हैं।

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “पिछले तीन दशकों में, आईएचजीएफ दिल्ली मेला वैश्विक खरीदारों और भारतीय निर्यातकों के लिए एक विश्वसनीय सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हुआ है। दुनिया भर से खरीदारों की भारी आमद के साथ, हमारे प्रदर्शक इस आयोजन को भारतीय हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एक और खरीदारी सीजन में प्रवेश करते हुए, हम अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और भारत के हस्तशिल्प निर्यातकों के साथ-साथ उन अनगिनत कारीगरों के बीच सार्थक बिजनेस नेटवर्किंग और उपयोगी साझेदारी की उम्मीद करते हैं, जिनके हुनरमंद हाथ इस चहल-पहल से भरपूर क्षेत्र को जीवंत बनाए रखते हैं।”

डॉ. खन्ना ने आगे कहा, “इस साल मेले का बाहरी स्वरूप को खास तौर पर वेव ऑफ प्रोग्रेस यानी ‘प्रगति की लहर’ थीम पर डिजाइन किया गया है, जो भारतीय हस्तशिल्प की विविधता, जीवंतता और जोश से भरे जज्बे को खूबसूरती से दर्शाता है। यह थीम परंपरा से आधुनिकता की तरफ जाने का प्रतीक है, जो हमारी साझा विरासत और हमारे कारीगरों की क्षेत्रीय खासियतों, दोनों का जश्न मनाती है।”

ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक और आईईएमएल के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने आईएचजीएफ दिल्ली मेले की भारत को दुनिया से जोड़ने और दुनिया को भारत से जोड़ने की ऐतिहासिक यात्रा पर बात करते हुए कहा, “1994 में अपनी शुरुआत के बाद से आईएचजीएफ दिल्ली मेला दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक बन गया है, और भारत व विदेशों में व्यापार के बेहतरीन अवसरों के कारण यह वैश्विक खरीदारों का एक पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। आज यह मेला उन समर्पित अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और जोश से भरे भारतीय उत्पादकों के लिए एक प्रमुख आयोजन के रूप में मौजूद है।”

ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने कहा, “इस मेले के माध्यम से ईपीसीएच एक अनुकूल व्यापार माहौल बनाता है, जहां सबसे बड़ी संख्या में प्रदर्शक एक जगह इकट्ठा होते हैं, यहां आने वाले विदेशी खरीदारों को निर्यातकों से सीधी बातचीत का मौका मिलता है, जिससे वे न केवल तैयार उत्पाद खरीद सकते हैं, बल्कि अपने बाजार की ज़रूरतों के अनुसार उन्हें कस्टमाइज भी करवा सकते हैं। हमारे प्रदर्शकों ने आने वाले सीजन को ध्यान में रखते हुए नई और खास उत्पाद रेंज तैयार करने के लिए अथक परिश्रम किया है, जो भारत की शिल्पकला की श्रेष्ठता को दर्शाती हैं। दूसरी ओर, दुनियाभर के खरीदारों से मिली उत्साहवर्धक प्रतिक्रियाएं और मेले में आने से पहले किया गया रजिस्ट्रेशन यह साबित करता है कि यह मेला एक पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।”

ईपीसीएच के मुख्य संयोजक श्री अवधेश अग्रवाल ने कहा, “पिछले 30 सालों से यह मेला देशभर की बेहतरीन कला और बढ़ती काबिलियत को दिखाने का काम कर रहा है। इस बार भी यह मेला उसी सफर को आगे बढ़ा रहा है और भारत के बढ़िया हस्तशिल्प को देखने और खरीदने का अच्छा मौका दे रहा है। यह मेला नए उद्यम शुरू करने की सोच को भी बढ़ावा देता है और कारीगरों व निर्यातकों को हौसला देता है कि वे नए और अच्छी डिजाइन वाले कलेक्शन लेकर आएं। यह मंच देश-विदेश के खरीदारों और आपूर्तिकर्ताओं को एक साथ लाकर विकास और सहयोग के असीमित अवसर पैदा कर रहा है।”

आईएचजीएफ दिल्ली मेला- ऑटम 2025 के अध्यक्ष श्री रजत अस्थाना ने कहा, “यह आयोजन भारत की युवा शक्ति और देश की आबादी से मिलने वाली ताकत को दर्शाता है, जो नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से चुनौतियों को अवसरों में बदल रहे हैं। भारत की बेजोड़ विविधता और शिल्प कौशल को इस सफल, प्रगतिशील और अहम अंतरराष्ट्रीय सोर्सिंग मंच के जरिए दुनिया तक पहुंचाकर, हम भारत को हर प्रकार के खरीदारों — बड़े थोक विक्रेताओं और आयातकों से लेकर खास और छोटे उत्पादों के खरीदारों और रिटेलर्स तक — सबकी पसंदीदा सोर्सिंग गंतव्य बनाने की आकांक्षा रखते हैं।”

आईएचजीएफ दिल्ली मेला- ऑटम 2025 के उपाध्यक्ष श्री रोहित ढल ने बताया, “भारत में रचनात्मकता और शिल्प कौशल के प्रमुख मंच के रूप में विख्यात आईएचजीएफ दिल्ली मेला एक ऐसा जीवंत केंद्र है, जहां प्रेरणा और अवसर दोनों प्राप्त होते हैं, जो मुख्य प्रदर्शनी के साथ-साथ अपने अपने सहयोगी कार्यक्रमों से और भी समृद्ध होता है। मुख्य मेले के साथ-साथ थीम पर आधारित डिस्प्ले; कारीगरों के खास पकवान, शिल्प, कपड़े आदि; लाइव शिल्प प्रदर्शन; नॉलेज सेशन और बेहतरीन डिस्प्ले को मिलने वाले पुरस्कार इस मेले को और भी खास बनाते हैं।”
आईएचजीएफ दिल्ली मेला- ऑटम 2025 के उपाध्यक्ष श्री मोहित चोपड़ा ने कहा, “इस शो के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा इंडस्ट्री से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की जाएंगी, जैसे कि सीजन से आगे की सोच: अगली पीढ़ी के लिए ट्रेंड्स; मेकर से मार्केट तक: ब्रांड की कहानी, विजुअल मर्चेंडाइजिंग और रिटेलिंग; निर्यातकों के लिए डिजिटलीकरण: एआई की मदद से प्रेजेंटेशन और डिजाइन मॉक-अप बनाना; लोकल कैश ऐंड कैरी से लेकर ग्लोबल सप्लाई चेन तक – एक मंच, अनगिनत संभावनाएं; अन्य प्रतिस्पर्धी बाजारों की बेहतरीन इंडस्ट्रियल प्रैक्टिसेज; और लागत कम करने के लिए टेक्नोलॉजी को कैसे अपनाएं, इन विषय पर भी मेले के दौरान चर्चा की जाएगी।”

थीम और सामूहिक प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए, आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2025 के उपाध्यक्ष, श्री सिमरनदीप सिंह कोहली ने कहा, “इसमें पूर्वी क्षेत्र के शिल्पों का प्रभावशाली प्रदर्शन होगा, जिसमें बिहार के शिल्पों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें भारत भर के चुनिंदा हस्तशिल्प और हथकरघा बुनकर भी शामिल होंगे। इसके अलावा फैशन जूलरी शिल्पों का भी प्रदर्शन होगा।” ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने कहा, “व्यापक प्रचार के लिए, परिषद ने दुनिया भर के प्रमुख बाजारों में प्रतिनिधित्व, अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में डिजिटल विज्ञापनों, उनकी डिजिटल पब्लिकेशन, ऑनलाइन पोर्टल्स, वेब बैनरों आदि के माध्यम से दुनिया भर में मेले का व्यापक प्रचार किया है। इसके अलावा, भारतीय दूतावासों ने अपने-अपने देशों में खरीदारों और आयातकों को इस मेले में आमंत्रित किया है। इस मेले को डिजिटल पब्लिकेशन्स और सोशल मीडिया में बड़े पैमाने पर कवर किया गया है। इस मेले में आने वाले आगंतुकों में दुनिया भर के विदेशी खरीदार शामिल हैं, जिनमें थोक विक्रेता, डिस्ट्रीब्यूटर, चेन स्टोर्स, डिपार्टमेंटल स्टोर्स, रिटेलर्स, मेल-ऑर्डर कंपनियां, ब्रांड मालिक, बाइंग हाउसेज, डिजाइनर और ट्रेंड फोरकास्टर्स के साथ-साथ खरीद प्रतिनिधि और घरेलू थोक खरीदार भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।

मेले में 110 से अधिक देशों से ओवरसीज खरीदारों के आने की उम्मीद है, इनमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चिली, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, हांगकांग, इंडोनेशिया, ईरान, इटली, जापान, कोरिया, मलेशिया, मैक्सिको, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पनामा, फिलीपींस, पुर्तगाल, कतर, रूस, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, वियतनाम, जिम्बाब्वे और अन्य कई देश शामिल हैं।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने जानकारी दी कि दुनिया भर की कई जानी-मानी कंपनियों और डिपार्टमेंटल स्टोर्स के प्रतिनिधियों ने मेले में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है. इनमें इफिनिया होम, वुडन क्रिएट होम, अर्जेंटीना; कार्निवल होमवेयर, इकोडाउनअंडर प्राइवेट लिमिटेड, ऑस्ट्रेलिया; डिजाइनर्स डिटेल्स, ऑस्ट्रिया; इंटरस्पार जीएमबीएच, ऑस्ट्रिया; ग्रुपो मोआस, ब्राजील; यूरोफेस इंक, कनाडा; एरफर्ट एप्स, डेनमार्क; बिजॉक्स फैक्ट्री, फ्लोरेंस बौरेल डिजाइन स्टूडियो, फ्रांस; बर्क जीएमबीएच ऐंड कंपनी केजी, गिल्ड ग्रुप, जर्मनी; डब्ल्यूएचस्मिथ ग्लोबल सोर्सिंग लिमिटेड, हांगकांग; ड्यू एस्से क्रिसमस एसआरएल, इटली; कोवा कंपनी लिमिटेड, जापान; मिस्टर डीआईवाई, मलेशिया; एल प्यूर्टो डी लिवरपूल, मेक्सिको; गार्स्टन स्टेबल्स लिमिटेड, न्यूजीलैंड; शमटम.कॉम, रूस, एलेसाई कंपनी, सऊदी अरब; कलालौ, इंक., ओकस्ट्रीट होलसेल इंक., रॉयल डिजाइन ग्रुप, इंक., टूज कंपनी, वीसीएनवाई होम, यूएसए और कई अन्य कंपनियों ने पहले ही शो में आने की पुष्टि कर दी है।

श्री वर्मा ने बताया कि पिछले कुछ संस्करणों से यह मेला भारत की जानी-मानी कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर रिटेल खरीदारी के लिए भी एक पसंदीदा मंच बन गया है।भारत में तेजी से बदलते रिटेल बाजार, नई खरीदारी प्रवृत्तियों और अंतरराष्ट्रीय डिजाइनों व प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह मेला इन जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। आईएचजीएफ दिल्ली मेला लगातार भारत के प्रमुख रिटेल और ऑनलाइन ब्रांड्स के साथ-साथ घरेलू थोक खरीदारों और बाइंग/सोर्सिंग कंसल्टेंट्स की मेजबानी करता आ रहा है जिनमें आदित्य बिरला फैशन, अजियो, आर्चीज, बॉम्बे स्वदेशी स्टोर्स, चुम्बक, डीएलएफ ब्रांड्स, फैबइंडिया लिमिटेड, फर्न्स एन पेटल्स, गोदरेज ऐंड बॉयस, हिल्टन, लैंडमार्क ग्रुप, लाइफस्टाइल, लूलू ग्रुप, मिनिसो लाइफस्टाइल प्राइवेट लिमिटेड, मॉन्टे कार्लो फैशन, पेपरफ्राई, रिलायंस रिटेल, शॉपर्स स्टॉप, स्पेंसर रिटेल, ताज ग्रुप ऑफ होटल्स, ट्रेंट लिमिटेड, वेलस्पन ग्लोबल ब्रांड लिमिटेड और कई अन्य ने शो में शामिल होने की पुष्टि की है।

हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) देश से हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ावा देने और देश के विभिन्न शिल्प समूहों में होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर, इंटीरियर, टेक्सटाइल, फैशन जूलरी एवं एक्सेसरीज, गिफ्ट और अन्य उत्पादों के उत्पादन में लगे लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के प्रतिभाशाली हाथों के जादू की ब्रांड छवि बनाने में लगी एक नोडल संस्था है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर. के. वर्मा ने बताया कि वर्ष 2024-25 के दौरान हस्तशिल्पों का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का हुआ ।

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