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रामलीला के दूसरे दिन राम जन्म से अयोध्या मे खुशी की लहर

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On September 24, 2025
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ऋषि तिवारी


नोएडा। श्रीराम मित्र मण्डल नोएडा द्वारा सेक्टर-62 के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला मंचन  के दूसरे दिन मुख्य अतिथि नवाब सिंह नागर पूर्व मंत्री नजर आए और श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गोयल एवं महासचिव मुन्ना कुमार शर्मा द्वारा मुख्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर और अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया गया। महेश चौहान जिलाध्यक्ष बीजेपी, जयभगवान गोयल अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, यूनाइटेड हिन्दू फ्रंट, संजय गुप्ता सीएमडी रामाज्ञा, रविकांत मिश्रा वरिष्ठ मंत्री बीजेपी, अजय बाटला चेयरमैन बाटला एस्टेट, गोपाल कृष्ण अग्रवाल राष्ट्रीय प्रवक्ता बीजेपी, दीपक अग्रवाल, अनंत प्रकाश वर्मा, राजेश माथुर, विनय अग्रवाल, जितेंद्र सिंघल, श्री महेश सक्सेना, राजीव अजमानी, मनोज गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर लीला का शुभारंभ किया।

प्रथम दृश्य में रावण और अन्य राक्षसों के अत्याचार से कराह रही पृथ्वी को अत्याचार मुक्त करने के हेतु देवतागण भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना करते हैं। राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ जी के पास जाना, वशिष्ठ जी द्वारा श्रृंगी ऋषि द्वारा शुभ पुत्र कामेष्ठि यज्ञ करवाना। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर खीर प्रदान करना। राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर प्रदान करना और खीर खाकर तीनों रानियों का गर्भवती होने की लीला हुई।

भगवान राम के साथ तीनों भाईयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या बड़े ही उत्साहित थे। अयोध्या में चारों ओर बधाई गान गाए गए। कौशल्या जायो लल्ला, अवध में मचो हल्ला, अवध में जनमे रघराई, कौशल्या रानी दे दो बधाई। बाल स्वरूप भगवान राम से मिलने भगवान शिव जी योगी का भेष बनाकर आते हैं और इसके बाद चारों भाइयों का नाम करण गुरू वशिष्ठ द्वारा किया जाता है। तत्पश्चात भगवान राम,लक्ष्मण,भरत, शत्रुघन गुरु वशिष्ठ के आश्रम में शिक्षा दीक्षा के प्रस्थान करते हैं।भगवान राम की बाल लीला का मंचन देख दर्शक मंत्र मुग्ध हो जाते हैं।

अगले दृश्य में विश्वामित्र का राजा दशरथ के दरबार में आगमन होता है और वह अपने यज्ञ की राक्षशों से रक्षा के लिए श्री राम और लक्ष्मण जी को साथ ले जाने के लिए कहते हैं। वशिष्ठ जी के समझाने पर दशरथ जी राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ भेज देते हैं। रास्ते में जाते समय विश्वामित्र भगवान राम को राक्षसी ताड़का, मारीच और सुबाहु को दिखाते हैं। ताड़का, मारीच एवं सुबाहु विश्वामित्र जी, श्री राम जी व लक्ष्मण जी के पर आक्रमण कर देते है ।भगवान राम धनुष उठाकर सुबाहु और तड़का का वध कर देते हैं और मारीच को दूर दक्षिण किनारे समुद्र में फेंक देते हैं।

भगवान की आरती के साथ दूसरे दिन की रामलीला का समापन होता है। अध्यक्ष धर्मपाल गोयल जी ने बताया कि कल 5 अक्टूबर को ऋषि विश्वामित्र के आश्रम में जनक दूत का आगमन, पुष्प वाटिका में राम सीता साक्षात्कार एवं गौरी पूजन आदि लीलाओं का मंचन किया जायेगा। इस अवसर पर समिति के कोषाध्यक्ष राजेन्द्र गर्ग, सलाहकार मनोज शर्मा, सह-कोषाध्यक्ष अनिल गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतनारायण गोयल, राजकुमार गर्ग, चौधरी रविन्द्र सिंह, तरुणराज, पवन गोयल, बजरंग लाल गुप्ता, एस एम गुप्ता, गौरव मेहरोत्रा, मुकेश गोयल, मुकेश अग्रवाल, मनोज शर्मा, मीडिया प्रभारी मुकेश गुप्ता, गिरिराज बहेडिया, चक्रपाणि गोयल, राजेश माथुर, सुधीर पोरवाल, अर्जुन अरोड़ा, आर के उप्रेती, दीपक अग्रवाल, दयानंद तिवारी सहित श्रीराम मित्र मंडल नोएडा रामलीला समिति के सदस्यगण व शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्तिथ रहे।

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