धर्म/ज्योतिष

राम कथा के दूसरे दिन परम पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज ने प्रसंग सुनाए

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On February 2, 2025
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ऋषि तिवारी


श्री जी रसोई की सहायताार्थ आयोजित दिव्य श्री राम कथा के दूसरे दिन आज परम पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज ने बहुत सारे प्रसंग सुनाए..जिनमें नारद हिमांचल संवाद, सुदामा श्री कृष्ण संवाद, पार्वती जी दुवारा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया गया ताप, सप्त ऋषिओ के दुवारा माता पार्वती को ब्रह्मित करने और बाद में उनको आशीर्वाद देने, देवताओ द्वारा भगवान शंकर से विवाह के लिए अनुरोध, भगवान शंकर मां पार्वती का विवाह, तारकासुर वध आदि प्रसंग प्रमुख रहे..महाराज जी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना कर्म भोगना पड़ता है है..व्यक्ति अच्छे करम करके अपना पुण्य बड़ा सकते हैं… पाप कम नहीं कर सकते हैं.. जैसा आपने किया है वैसा ही आपको भोगना पड़ेगा। जो हम आज कर्म करते हैं वही आगे भाग्य बनता है… हमारे भाग्य की रेखा सिर्फ भगवान बदल सकती है जैसे भगवान कृष्ण ने सुदामा जी को जब रोली से तिलक किया वैसे ही उनके जीवन में नूतन परिवर्तन हुआ।

महाराज जी ने गुरु की महिमा के बारे में बताया और कहा कि भगवान शंकर जगत गुरु हैं..अपने गुरु को संपूर्ण विश्वास दिलाना चाहिए और सपने में भी शंका नहीं करनी चाहिए। आज की कथा मैं बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए..कथा के बीच मैं ऐसे प्रसंग आए जब अनेक भक्त भाव विभोर देखे..कथा के प्रारंभ में मंगलमय परिवार नोएडा के श्री जी रसोई की सहायताार्थ आयोजित दिव्य श्री राम कथा के दूसरे दिन आज परम पूज्य संत विजय कौशल जी महाराज ने बहुत सारे प्रसंग सुनाए..जिनमें नारद हिमांचल संवाद, सुदामा श्री कृष्ण संवाद, पार्वती जी दुवारा भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया गया ताप, सप्त ऋषिओ के दुवारा माता पार्वती को ब्रह्मित करने और बाद में उनको आशीर्वाद देने, देवताओ द्वारा भगवान शंकर से विवाह के लिए अनुरोध, भगवान शंकर मां पार्वती का विवाह, तारकासुर वध आदि प्रसंग प्रमुख रहे..

महाराज जी ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपना कर्म भोगना पड़ता है है..व्यक्ति अच्छे करम करके अपना पुण्य बड़ा सकते हैं… पाप कम नहीं कर सकते हैं.. जैसा आपने किया है वैसा ही आपको भोगना पड़ेगा। जो हम आज कर्म करते हैं वही आगे भाग्य बनता है… हमारे भाग्य की रेखा सिर्फ भगवान बदल सकती है जैसे भगवान कृष्ण ने सुदामा जी को जब रोली से तिलक किया वैसे ही उनके जीवन में नूतन परिवर्तन हुआ। महाराज जी ने गुरु की महिमा के बारे में बताया और कहा कि भगवान शंकर जगत गुरु हैं..अपने गुरु को संपूर्ण विश्वास दिलाना चाहिए और सपने में भी शंका नहीं करनी चाहिए। आज की कथा में 2500 से 3000 के बीच भक्त शामिल हुए..कथा के बीच मैं ऐसे प्रसंग आए जब अनेक भक्त भाव विभोर देखे..

कथा के प्रारंभ में मंगलमय परिवार नोएडा के अध्यक्ष महेश गुप्ता जी ने आरएसएस सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णा गोपाल जी का स्वागत किया।आज की कथा में नेवैद्य शर्मा, परमात्मा शरण बंसल, धर्मपाल गोयल, एन के अग्रवाल, एस एन गोयल, प्रमोद शर्मा, संजय गोयल, संजय गुप्ता, संदीप अग्रवाल, बलराज गोयल , महेंद्र शाह, विमल अग्रवाल, मुकुल वाजपेयी, राजीव अजमानी,हर्ष चतुर्वेदी, मनीष गुप्ता, संदीप तायल, पवन शर्मा, संजय बाली, अजय पुन्डीर, विनय अग्रवाल आदि मौजूद रहे ।

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