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Saras aajeevika Festival 2024:बीते 25 वर्षों में सबसे ऊँचे पायदान पर पहुँचा सरस

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On March 3, 2024
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ऋषि तिवारी


नोएडा। सैक्टर-33 ए स्तिथ नोएडा हाट में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित व राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर)द्वारा समर्थित सरस आजीविका मेले में अंतिम रविवार को भारी संख्या में खरीदारों का जनसैलाब उमड़ा जहां एक ओर लोगों ने यहां जमकर खरीदारी की। एनआईआरडीपीआर के असिस्टेंट डायरेक्टर चिरंजीलाल कटारिया ने बताया कि इस बार के नोएडा हाट में आयोजित मेले ने पिछले 25 वर्षों के देशभर के सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं।

सेल के मामले में इस बार का मेला सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंचा है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय व राष्ट्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज सँसथान का सटीक प्रबंधन, चौकस निगाहें. पल-पल पर सख्त मॉनिटरिंग और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज संस्थान की तजुर्बेकार टीम की बदौलत यह संभव हो पाया है। इसमें नोएडावासियों का भरपूर सहयोग मिला हे। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से ग्रामीण विकास मंत्रालय व राष्ट्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज संस्थान सरस मेलों का आयोजन करते आये हैं और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा। इस बार का नोएडा हाट में आयोजित सरस मेला बंपर सेल के मामले में सरस के अब तक के इतिहास की बेहतरीन मिसाल बना है। शनिवार तक मेले में सेल 12 करोड़ के आंकड़े छू चुकी है, जबकि रविवार और सोमवार के आंकड़े आने हैं।

ज्ञात हो कि सरस मेला-2024 का शुभारंभ इस बार 16 फरवरी को हुआ था। सोमवार 04 मार्च तक आयोजित मेले का 03 मार्च को अंतिम रविवार रहा है। जिसके मद्देनजर रविवार को यहां भारी संख्या में खरादारों की भीड़ उमड़ी। रविवार को यहां सभी राज्यों के हस्तशिल्प उत्पादों की लोगों ने जमकर खरीदारी की। मेले में इस बार उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम, सिक्किम, केरल, असम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड, लद्दाख, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गोवा, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मणिपुर तथा राजस्थान समेत 29 राज्यों की हस्तशिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जबकि देश भर के 20 राज्यों की 80 गृहणियों के समूह ने अपने प्रदेश के प्रसिद्ध क्षेत्रीय व्यंजनों के स्टाल लगाए हैं, जिनमें हर प्रदेश के क्षेत्रीय व्यंजनों के स्वाद का अनोखा आनंद प्राप्त हो रहा है। सरस मेलेे रविवार के दिन यहां ओडिशा के कलाकारों ने क्लासिक नृत्य की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोहा। इसके साथ ही अन्य सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। मेले में रविवार को विभिन्न राज्यों के आकर्षक उत्पादों, खासकर हैंडलूम तथा हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स की जमकर खरीददारी की गई। आंध्र प्रदेश के फूड प्रोडक्ट्स की लोगों ने जमकर खरीददारी की। आंध्रा के ही हैंडीक्राफ्ट उत्पाद जैसे वुड कार्विंग लोगों की खसी पसंद बने।

असम के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की खासी धूम रही। असम के बम्बू प्रोडक्ट्स की महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। उधर बिहार के सत्तू लोगों की पसंद बने। मेले में हैंडीक्राफ्ट, ज्वैलरी और होम डेकोर के प्रोडक्ट्स के रूप में आंध्र प्रदेश की पर्ल ज्वैलरी, वूडन उत्पाद, आसाम का वाटर हायजिनिथ हैंड बैग और योगामैट, बिहार से लाहकी चूड़ी, मधुबनी पेंटिंग और सिक्की क्राफ्ट्स, छत्तीसगढ़ से बेलमेटल प्रोडक्ट्स, मडमिरर वर्क और डोरी वर्क गुजरात से, हरियाणा, का टेरा कोटा, झारखंड की ट्राइबल ज्वैलरी, कर्नाटक का चन्ननपटना खिलौना, सबाईग्रास प्रोडक्टस, पटचित्र आनपाल्मलीव ओडिशा, तेलंगाना से लेदर बैग, वाल हैंगिंग और लैंप सेड्स, उत्तर प्रदेश से होम डेकोर, और पश्चिम बंगाल से डोकरा क्राप्ट, सितल पट्टी और डायवर्सीफाइड प्रोडक्ट्स भी उपलब्ध हैं। साथ ही प्राकृतिक खाद्य पदार्थ भी फूड स्टाल पर मौजूद हैं। प्राकृतिक खाद्य पदार्थों के रूप में अदरक, चाय, दाल कॉफी, पापड़, एपल जैम और अचार आदि उपलब्ध रहेंगे। साथ ही मेले में बच्चों के मनोरंजन का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है।

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