धर्म/ज्योतिष

जिला में कई जगहों पर मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर्व

hindprabhatsamachar
By hindprabhatsamachar On August 18, 2022
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सुरेन्द्र दुआ संवाददाता


नूंह। जिला में कई जगहों पर गुरूवार को श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों को रंग भी रंगी आलौकिक लडिय़ों के अलावा देवी-देवताओं की सुन्दर-सुन्दर पोशाकों से सजावट की गई थी। मंदिरों में झूले, रासलील, लडडू गोपाल का श्रृंगार व भजनामृत आदि से भक्तिमय बना वातावरण से व्रतधारियों ने व्रत रखकर श्री कृष्ण जन्मोत्सव से जुडी घटनाओं की बनाई झांकियों के दर्शन कर उनकी महिमा का गुणगान किया। हांलाकि, जिला में गुरूवार को बहुत कम श्रद्वालूओं ने व्रत रखा तथा मंदिरों में यह पर्व बहुत कम मनाया गया।

स्कूलों का अवकाश गुरूवार को रदद होने पर जिला के कई स्कूलों में हिन्दु विदया निकेतन नूंह के अलावा डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल के प्रांगण में श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। नटखट बाल गोपाल श्री कृष्ण की अनुपम छवि को मन में बसाए हुए विद्यालय के नन्हे नन्हे पुष्प रूपी बालक – बालिकाओं ने स्वयं राधा कृष्ण की पोशाक धारण कर सभी का मन मोह लिया। विद्यालय में नर्सरी से दूसरी कक्षा के नन्हे-मुन्ने राधा कृष्ण की पोशाकों में बहुत ही सुंदर दिख रहे थे। बच्चों ने दही हांडी फोड़ी व मक्खन खाकर नृत्य का आनंद लिया। पुलिस कप्तान नूंह वरुण सिंगला ने विद्यार्थियों और अध्यापकों को बधाई सन्देश भेजा।

उन्होंने कहा कि वर्ष भर कोई न कोई त्यौहार राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है इसके पीछे एक समृद्ध संस्कृति तथा परम्परा का महत्व होता है। भारतीय पर्व के इस क्रम में एक बड़ा धार्मिक और महत्वपूर्ण पर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण का धरती पर जन्म पूरी मानव जाति के लिए वरदान है। द्वापर युग में कंस के अत्याचार का अंत करने और धर्म की स्थापना के लिए भगवान श्री विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण ने पृथ्वी लोक पर जन्म लिया । ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश शास्त्री ने जानकारी दी कि भाद्रपद (भादो) मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है।

इस दिन भगवान श्रीष्ण का जन्म हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की रात्रि के सात मुहूर्त निकल जाने के बाद आठवें मुहूर्त में हुआ था। उस समय आधी रात थी। अगर आठवें मुहूर्त की बात करें तो वह 19 अगस्त को रहेगा और आधी रात की बात करें तो वह 18 अगस्त को थी जिसके कारण कईयों ने 18 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी मनाई है लेकिन 19 अगस्त को उदया तिथि होने के कारण जन्माष्टमी का त्योहार 19 अगस्त को मनाया जाएगा।

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